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शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दसà¥à¤¤ (डायरिया) का इलाज
बचà¥à¤šà¥‡ जलà¥à¤¦ संकà¥à¤°à¤®à¤£ की चपेट में आ जाते हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का कमजोर होना है। सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के साथ-साथ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दसà¥à¤¤ à¤à¥€ à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। नवजात शिशà¥à¤“ं का मल पतला ही निकलता है, लेकिन दसà¥à¤¤ के दौरान यह पानी की तरह निकले लगता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अकà¥à¤¸à¤° डायरिया की वजह वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होता है। वैसे दसà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिनों तक नहीं रहता, लेकिन यह शरीर से बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में तरल निकाल देता है और शरीर को पूरी तरह कमजोर कर देता है (1)।
à¤à¤• दिन में तीन या इससे अधिक बार पानी की तरह पतला मल आने की समसà¥à¤¯à¤¾ को दसà¥à¤¤ कहा जाता है। यह आमतौर पर à¤à¤• या दो दिन तक रहता है, लेकिन यह अधिक समय तक रह सकता है। अधिक समय तक चलने वाला दसà¥à¤¤ (कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤• डायरिया) गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकता है। कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤• डायरिया कम से कम चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक रह सकता है और यह किसी कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤• बीमारी का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है (2)। आगे जानिठशिशà¥à¤“ं में डायरिया के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को बारे में।
शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£
आम डायरिया की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤• डायरिया जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ घातक होते हैं और ये बचà¥à¤šà¥‡ में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ पैदा कर सकते हैं (3),जैसे :
मल का पानी की तरह निकलना।
गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मल के साथ खून à¤à¥€ निकल सकता है।
अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ मल।
मतली या उलà¥à¤Ÿà¥€à¥¤
पेट के नीचे दरà¥à¤¦ या कà¥à¤°à¥ˆà¤‚प।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨à¥¤
शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ के कारण
शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ की मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होता है, लेकिन दसà¥à¤¤ की अनà¥à¤¯ वजह à¤à¥€ हो सकती हैं। नीचे जानिठशिशà¥à¤“ं में डायरिया के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों के बारे में :
1. पेट संबंधी संकà¥à¤°à¤®à¤£ – पेट संबंधी संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ही होता है, जिससे फूड पॉइजनिंग होती है और दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। कम पके हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨, बासी à¤à¥‹à¤œà¤¨, गंदे हाथ से à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने और खिलाने से रोगाणॠशरीर में पहà¥à¤‚च सकते हैं। रोटावायरस, à¤à¤¡à¥€à¤¨à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ व सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शिशॠको संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर सकते हैं, जो दसà¥à¤¤ का कारण बन सकते हैं (4), (5), (6)।
2. फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ – मां के दूध के साथ-साथ जब शिशॠको अनà¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाया जाता है, तो बचà¥à¤šà¥‡ को फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से पीड़ित बचà¥à¤šà¥‡ में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ देखे जा सकते हैं, जिसमें चेहरा, होंठव आंखों में सूजन और हाइवà¥à¤¸, उलà¥à¤Ÿà¥€ व तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर चकतà¥à¤¤à¥‡ आदि के साथ दसà¥à¤¤ à¤à¥€ शामिल है। अगर आपको बचà¥à¤šà¥‡ में इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤, तो आप बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› à¤à¥€ खाने को न दें और तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। इस दौरान मां अपना दूध बचà¥à¤šà¥‡ को पिला सकती हैं (7)।
3. इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ बाउल डिजीज – यह गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² रोगों का à¤à¤• समूह है, जो आनà¥à¤µà¤‚शिक विसंगतियों (Genetic Anomalies) के कारण होता है और पाचन तंतà¥à¤° की आंतरिक परत में दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• सूजन पैदा करता है। इससे नवजात को दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। दवाइयों की जरिठइसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम किया जा सकता है।
4. फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤œ और सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤œ यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ व पेय – फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤œ शरà¥à¤•रा का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है, जो कई फल, जूस व शहद में पाया जाता है। फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤œ यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ व पेय बचà¥à¤šà¥‡ में डायरिया का कारण बन सकते हैं। सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤œ à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का शरà¥à¤•रा है, जिसे टेबल शà¥à¤—र या वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ शà¥à¤—र के नाम से जाना जाता है। सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤œ यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ व पेय à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दसà¥à¤¤ का कारण बन सकते हैं। इन दोनों पà¥à¤°à¤•ार के शरà¥à¤•रा को सहने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अलग-अलग होती है, जो समय के साथ-साथ विकसित होती है (8)।
5. अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गरà¥à¤®à¥€ – मौसम में आठबदलाव के कारण à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ बीमार पड़ सकते हैं। खासकर, गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दौरान शिशà¥à¤“ं का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना बहà¥à¤¤ ही जरूरी है, ताकि वह डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का शिकार न हों और उनके शरीर का तापमान संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रहे। अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गरà¥à¤®à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बà¥à¤–ार व उलà¥à¤Ÿà¥€ के साथ-साथ डायरिया का कारण à¤à¥€ बन सकती है (9)।
6. à¤à¤‚टीबायोटिक डायरिया – दवाओं के साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ से à¤à¥€ शिशॠको दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इस पà¥à¤°à¤•ार का दसà¥à¤¤ दो साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखा जाता है। à¤à¤‚टीबायोटिक डायरिया à¤à¤• से सात दिन तक रह सकता है। अगर à¤à¤‚टीबायोटिक दवा खिलाने के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ लगते हैं, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर संपरà¥à¤• करें (10)।
शिशॠके दसà¥à¤¤ का उपचार कैसे करना चाहिà¤?
शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ और कारण जानने के बाद आगे जानते हैं कि शिशॠके दसà¥à¤¤ का उपचार कैसे किया जाठ(2)।
दसà¥à¤¤ के दौरान शिशॠके शरीर से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में तरल निकल जाता है। इसका इलाज करने का सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• तरीका है इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ की पूरà¥à¤¤à¤¿à¥¤ आप बचà¥à¤šà¥‡ को डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह पर पानी के साथ ओआरà¤à¤¸ (ओरल रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ सॉलà¥à¤¯à¥‚शन) दे सकते हैं।
यह सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पता लगाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ किस कारण से लगे हैं, इसलिठजांच के लिठबचà¥à¤šà¥‡ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह के बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤‚टी डायरिया दवाइयां न दें।
आप बचà¥à¤šà¥‡ का इस दौरान पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। अगर बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤› खाने से मना कर रहा, तो उसे जबरदसà¥à¤¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ न कराà¤à¤‚।
कà¥à¤› à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ न करें जिससे बचà¥à¤šà¤¾ असहज महसूस करे।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दसà¥à¤¤ की दवा कà¥à¤¯à¤¾ है, यह जानने के लिठलेख का अगला à¤à¤¾à¤— जरूर पढ़ें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दसà¥à¤¤ की दवा
वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤•ों में à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट दसà¥à¤¤ का इलाज ओवर-द-काउंटर दवा (बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह के) से किया जा सकता है, लेकिन शिशà¥à¤“ं के लिठयह घातक सिदà¥à¤§ हो सकती है। इसलिà¤, अपने बचà¥à¤šà¥‡ को ओवर-द-काउंटर दवा देने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ जरूर करें। अगर बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ 24 घंटे से अधिक समय तक रहती है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।
कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤• डायरिया की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° सबसे पहले बचà¥à¤šà¥‡ की जांच कर दसà¥à¤¤ की वजह पता लगाà¤à¤‚गे। इसके बाद जरूरी दवाइयां और सावधानियां आपको बताà¤à¤‚गे। डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दसà¥à¤¤ रोकने की अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ दवा दे सकते हैं, जो पैरासाइट, वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को मार सके (11)।
दसà¥à¤¤ होने पर अगर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚ (2):
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर।
अगर दसà¥à¤¤ दो दिन तक जारी रहे।
102 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट या उससे अधिक बà¥à¤–ार होने पर।
मल के साथ खून या पस आने पर।
मल का रंग काला होना आदि।
बचà¥à¤šà¥‡ के दसà¥à¤¤ के लिठघरेलू उपचार
शिशॠको दसà¥à¤¤ से आराम दिलाने के लिठआप नीचे बताठजा रहे कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं :
1. नमक-चीनी का पानी – दसà¥à¤¤ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर से अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• तरल निकल जाता है। इसकी आपूरà¥à¤¤à¤¿ के लिठआप घर में नमक-चीनी का ओआरà¤à¤¸ घोल बना सकते हैं और बचà¥à¤šà¥‡ को पिला सकते हैं। इसके लिठआप à¤à¤• लीटर पानी में 8 चमà¥à¤®à¤š चीनी और à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š नमक मिला लें और बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़ा-थोड़ा पिलाते रहें (12)।
2. चावल का पानी – बचà¥à¤šà¥‡ में दसà¥à¤¤ को रोकने के लिठआप चावल का पानी इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। चावल का पानी à¤à¤• कारगर इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ सॉलà¥à¤¯à¥‚शन के विकलà¥à¤ª के रूप में काम कर सकता है। à¤à¤• शोध में चावल का पानी ओरल इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ सॉलà¥à¤¯à¥‚शन से बेहतर पाया गया है (13)।
3. नारियल का पानी – नारियल का पानी à¤à¤• कारगर होम गà¥à¤²à¥‚कोज इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ के रूप में काम कर सकता है। हलà¥à¤•े दसà¥à¤¤ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को नारियल का पानी पिलाया जा सकता है। इसके लिठआप ताजे नारियल को ही पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाà¤à¤‚ (14)।
4. अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ – अगर शिशॠखाना खाने लग गया है, तो आप दसà¥à¤¤ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को केला व टोसà¥à¤Ÿ आदि खिला सकते हैं। à¤à¥‚ल से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को सेब का जूस, तला हà¥à¤† à¤à¥‹à¤œà¤¨ और अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¥€ फà¥à¤°à¥‚ट जूस का सेवन न कराà¤à¤‚, इससे बचà¥à¤šà¥‡ के दसà¥à¤¤ और à¤à¥€ बिगड़ सकते हैं (1)।
5. पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤“टिकà¥à¤¸ – पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीके से बचà¥à¤šà¥‡ के दसà¥à¤¤ को रोकने के लिठआप पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤“टिकà¥à¤¸ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ जैसे दही को पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में ला सकते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤“टिकà¥à¤¸ अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होते हैं, जो डायरिया से निजात दिलाने में मदद कर सकते हैं। इसे इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ जरूर कर लें (15)।
6. सौंफ और अदरक – सौंफ और अदरक पाचन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठअचà¥à¤›à¥‡ माने जाते हैं। ये शिशॠऔर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठà¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं। आप à¤à¤• कप गरà¥à¤® पानी में 20 मिनट के लिठबारिक कटा हà¥à¤† आधा चमà¥à¤®à¤š अदरक व सौंफ कà¥à¤°à¤¶ करके डालें और बचà¥à¤šà¥‡ को पिलाà¤à¤‚ (15)।
7. केला – दसà¥à¤¤ से निजात दिलाने के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को केला खिला सकते हैं। केला पोटैशियम, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन-ठजैसे पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥à¤¤ होता है। यह दसà¥à¤¤ को रोकने और शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ बनाठरखने के काम आता है (16)।
8. सेब – बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठसेब कारगर रहेगा। सेब फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ होता है, जो दसà¥à¤¤ को रोकने के साथ-साथ खोई हà¥à¤ˆ ऊरà¥à¤œà¤¾ को वापस लाने में मदद करता है। आप बचà¥à¤šà¥‡ को सेब का जूस पिला सकते हैं (16)।
9. मà¥à¤°à¤®à¥à¤°à¥‡ (पफà¥à¤¡ राइस) – दसà¥à¤¤ से निजात दिलाने के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को मà¥à¤°à¤®à¥à¤°à¥‡ à¤à¥€ दे सकते हैं। इसके लिठआप à¤à¤• गिलास पानी में à¤à¤• कोटरा à¤à¤°à¤•र मà¥à¤°à¤®à¥à¤°à¥‡ डालें। करीब 15-20 मिनट बाद मà¥à¤°à¤®à¥à¤°à¥‡ को छानकर अलग कर दें और पानी बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में दो बार दें।
मैं शिशॠको दोबारा दसà¥à¤¤ होने से कैसे बचा सकती हूं?
जैसा कि हमने पहले बताया कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में डायरिया अकà¥à¤¸à¤° वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से होता है, इसलिठजरूरी है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का सही पà¥à¤°à¤•ार से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखा जाà¤à¥¤ नीचे कà¥à¤› जरूरी सà¥à¤à¤¾à¤µ आपको बताठजा रहे हैं, जो आपके शिशॠको डायरिया से दूर रखने में मदद करेंगे।
साफ-सफाई पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ : इस बात का हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शिशॠके आसपास की जगह हमेशा साफ रहनी चाहिà¤à¥¤ गंदगी से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पैदा होते हैं, जिससे बचà¥à¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकता है। मां के साथ-साथ बचà¥à¤šà¥‡ को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ वाले परिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ à¤à¥€ साफ-सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
साफ और पोषण यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ : बेबी फूडà¥à¤¸ के चयन और निरà¥à¤®à¤¾à¤£ पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। बचà¥à¤šà¥‡ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर रखा à¤à¥‹à¤œà¤¨ न खिलाà¤à¤‚। à¤à¥‹à¤œà¤¨ कराते वकà¥à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ के साथ-साथ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के हाथ-पैर à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ तरह धोà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखें : बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में तरल की कमी नहीं होनी चाहिà¤à¥¤ नवजात के लिठमां का दूध जरूरी है, लेकिन अगर बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा है, तो उसे पानी और अनà¥à¤¯ पोषक तरल पिलाते रहे। तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी के लिठआप किसी अचà¥à¤›à¥€ पीडिअटà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ (बाल चिकितà¥à¤¸à¤•) की सलाह ले सकते हैं।
मेडिकल टेसà¥à¤Ÿ – बचà¥à¤šà¥‡ को समय-समय पर मेडिकल जांच के लिठपीडिअटà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ (बाल चिकितà¥à¤¸à¤•) के पास ले जाà¤à¤‚।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है?
जी हां, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं में डायरिया की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ दसà¥à¤¤ के जोखिम को कम कर देता है। à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ न करने वाले नवजातों में दसà¥à¤¤ से मरने की आशंका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है (16)।
कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ होने पर ठोस आहार देना बंद कर देना चाहिà¤?
अगर आप बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ से पहले ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करा रहे थे, तो तà¥à¤°à¤‚त इन à¤à¥‹à¤œà¤¨ को बंद कर दें। इनकी जगह आप हलà¥à¤•ा पोषण से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ को खिला सकते हैं, जैसे केला आदि (1)।
शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ को हलà¥à¤•े में न लें। कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• डायरिया बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में धातक परिणाम का कारण बन सकता है। जैसे ही आपको शिशॠमें दसà¥à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ दिखें, तà¥à¤°à¤‚त बताई गईं सावधानियों पर अमल करें और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° दिखने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आसपास साफ-सफाई और उनके खानपान पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। आपकी जागरूकता ही आपके शिशॠके बेहतर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की कà¥à¤‚जी है।
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